गुरुवार, 17 सितंबर 2015

C LEAVE RULES

आकस्मिक अवकाश के नियम :
आकस्मिक अवकाश के नियम :
1. CS Pb No. 4376-G-II-59/27671 दिनांक 28 मई
1959 के अनुसार एक वर्ष में कर्मचारियों को आकस्मिक
अवकाश इस प्रकार देय होगा
10 वर्ष या 10 वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारिओं के लिए –
10 दिन
10 वर्ष से अधिक लेकिन 20 वर्ष या 20 वर्ष से कम सेवा
वाले कर्मचारिओं के लिए – 15 दिन
20 वर्ष से अधिक सेवा वाले कर्मचारिओं के लिए – 20 दिन
अन्य समाधान :
यदि एक कर्मचारी अपनी 10 वर्ष या 20 वर्ष की सेवा वर्ष
के बीच मेँ पूरी करता है तो उनकी Casual Leave किस
प्रकार Calculate करेंगे ?
आकस्मिक अवकाश की अवधि कितनी हो सकती है व बीच में
आने वाली अन्य अवकाश की किस प्रकार गणना की जाती है ?
Casual Leave लेकर कितने दिन तक Absent from Duty
रहा जा सकता है ?
इन सभी प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए व आकस्मिक
अवकाश के बारे में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए निम्न
Letter डाऊनलोड कर सकते हैं -
CS Pb No. 4376-G-II-59/27671
2. सभी महिला कर्मचारियों की सेवा वर्ष की संख्या की
परवाह किए बगैर वे हर साल 20 दिनों के आकस्मिक अवकाश
की हकदार होंगी।
अधिक जानकारी के लिए निम्न पत्र डाउनलोड कर सकते है –
F.D. HR. No. 11/16/89-1Fr-II
3. नए भर्ती हुए कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश के नियम :
30 जून या 30 जून से पहले सेवा में आने पर – 10 दिन
30 जून के बाद व 30 सितम्बर से पहले सेवा में आने पर – 5
दिन
30 सितंबर के बाद सेवा में आने पर – 2 दिन
अधिक जानकारी के लिए निम्न पत्र डाउनलोड कर सकते है –
डाऊनलोड 4280
4. देर से उपस्थिति के लिए दंड प्रक्रिया के बारे में
letter No. 8644-GSII-765/35042, dated 22nd
October, 1965 के अनुसार यदि कोई कर्मचारी 3 दिन देर
से उपस्थित होता है तो कर्मचारी के खाते से 1 आकस्मिक
अवकाश काटा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए निम्न पत्र डाउनलोड कर सकते है –
8644-GSII-765/35042
5. छोटी छुट्टी के लेखांकन के लिए प्रक्रिया
(1) दो घंटे या उससे कम की अल्पावधि छुट्टी एक तिहाई दिन
के आकस्मिक अवकाश के रूप में माना जाना चाहिए.
(2) दो घंटे से अधिक व साढ़े तीन घंटे तक के लिए लघु छुट्टी
आधे दिन का आकस्मिक अवकाश के रूप में माना जाना चाहिए,
(3) इसे साढ़े तीन से अधिक है, तो और पूरे दिन के आकस्मिक
अवकाश के रूप में माना जाए
(4) लघु छुट्टी का खाता शाखा / कार्यालय में बनाए आकस्मिक
छुट्टी खाते में समायोजित किया जाना चाहिए.
letter No. 4295-4GS (1l)-65/27841
6. यदि स्थानांतरण या प्रमोशन या अन्य किसी कारण से
दूसरे स्थान पर उसी पद पर या नए पद पर duty join करनी
पड़ती है और उसके कारण किसी कर्मचारी को अपना आवास
बदलना पड़ता है तो joining time में preparatory leave
के रूप में 6 कार्यदिवस ( इसमें केवल रविवार तथा Vacation
को छोड़ा जाता है। अन्य किसी छूटी को नही ) तथा Journey
के लिए 150 किलोमीटर या उसके भाग हेतू एक दिन या
वास्तविक समय जो अधिक लगता है, मिलेगा । 8 किलोमीटर
की दूरी के अंदर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है । यह लूविधा CSR
Part I, Chapter 9 के अंतर्गत उपलब्ध है ।
7. (F.D. Hr. No. 5/1/3 PR(FD)-80 दिनांक 16.3.82
के अनुसार यदि स्थानांतरण के समय किसी कर्मचारी का
जनहित मे Joining Time (6 कार्यदिवस) नही दिया जाता
वह उसके बदले उसी सत्र में विशेष आकस्मिक अवकाश लेले का
अधिकारी है।
8. CS Hr. No. 8488-2GS-II-72/4165 दिनांक
13.2.73 के अनुसार कर्मचारियों को नसबंदी आपरेशन के
लिए 6 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलता है। महिला कर्मियों
को Non Pueppral Sterlization के लिए 14 दिन का
तथा IUCD Insertions के लिए एक दिन का आकस्मिक
अवकाश मिलता है ।
9. CS Hr. No. 28/6/78-GS-II Dated 16.3.78 के
अनुसार नसबंदी आपरेशन फ़ेल हो जाने पर पुनः नसजोड़
आपरेशन करवाने के लिए पुरुष कर्मियों को 14 दिन का तथा
महिला कर्मियों को 21 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलता है

10. CS. Pb. No. 3446-8-GS-62/9556 दिनांक
26.3.62 के अनुसार मान्यता प्राप्त संगठनो के चुने हुए
प्रतिनिधियों को बैठकों व सम्मेलनों मे भाग लेने के लिए वर्ष में
दस विशेष आकस्मिक अवकाश मिलते है। जिनमे से आधे
कर्मचारी के खाते से कम हो जाते है।
11. CS. Hr. No. 27/38/78/-2GS-II दिनांक
24.10.90 के अनुसार राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय खेलों में
भाग लेने, इससे संबधित यात्रा अथवा पूर्व प्रशिक्षण अवधि
को आन ड्यूटी माना जाता है । उपरोक्त पत्र के अनुसार दिये
गए अन्य कुछ मान्यता प्राप्त कोचिंग कैंप, पर्वतारोहण, तथा
ट्रेकिंग में भाग लेने हेतु एक वर्ष में अधिकतम 30 दिन तक का
आकस्मिक अवकाश प्राप्त होता है ।
12. CS. Hr. No. 28/22/78 Dated 9.8.79 के
अनुसार रक्तदान करने वाले दिन सहित 2 दिन का विशेष
आकस्मिक अवकाश मिलता है । यदि कोई संशोधन हो तो जरूर
बताना l

लेबल:

शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

Kaithal farji jbt 2011

संख्या शिक्षक का नाम स्कूल
1सुरेंद्र सिंह जीपीएस सिसला-सिसमौर
2 पहलू राम जीपीएस डेरा ग्यानी राम।
3 बलवान जीपीएस डेरा मिसरी राम।
4 ओमदत्त जीपीएस सिसला सिसमौर।
5 सुनिल कुमार जीपीएस ाागल।
6 बलबीर जीपीएस डेरा मासहा।
7 मोहिंद्र पाल जीपीएस सिसला-सिमौर।
8 कृष्ण कुमार जीपीएस रावण हेड़ा।
9 दलबीर जीपीएस बरसाना।
10 रविंद्र कुमार जीपीएस टयौंठा।
11 सुशील जीपीएस यौली।
12 राजेश कौशिक जीपीएस बाकल।
13 राजकुमार जीपीएस लनहेड़ी।
14 चंद्रपाल जीपीएस थेह बनेड़ा।
15 सुनील कुमार जीपीएस खरौदी।
16 प्रमोद कुमार जीपीएस मटौर।
17 चांदीराम जीपीएस सिनंद।
18 जिया लाल जीपीएस कलालपुर।
19 प्रवीण कुमार जीपीएस जुलानी खेड़ा।
20 कुलदीप सिंह जीपीएस ब्राह्मणीवाला।
21 बिजेंद्र कुमार जीपीएस मटौर।
22 राजीव कुमार जीपीएस कालासर।
23 संजीव कुमार जीपीएस बिरथे बहरी।
24 संदीप जीपीएस नंदकरण माजरा।
25 सुखबीर सिंह जीपीएस रोहेड़ा।
26 रोहताश कुमार जीपीएस कसान।
27 विनोद कुमार जीपीएस किच्छाना।
28 निलकंठ जीपीएस सौंगल।
29 मलकीत सिंह जीपीएस ककहेड़ी।
30. बिजेंद्र सिंह, जीपीएस सिसला सिसमौर।
31. विकास राविश जीपीएस ढय़ोड खेडी।
32. रणबीर सिंह, जीपीएस दिल्लूवाली।
33. गुरमीत सिंह, जीपीएस माल खेड़ी।
34. कुलदीप सिंह, जीपीएस दिवाल।
35. नरेंद्र सिंह, जीपीएस पोबला।
36. नाहर सिंह, जीपीएस गुहणा।
37. नरेश कुमार, जीपीएस दिवाल।
38. कुलदीप सिंह, जीपीएस देवीगढ़।
39. सतीश कुमार, जीपीएस सिसला सिसमौर।
40. वेदपाल, जीपीएस संगतपुरा।
41. सोहनलाल, जीपीएस भाना।
42. रजनेश सिंह, जीपीएस टयौंठा।
43. नरेश कुमार, जीपीएस हाबड़ी।
44. छत्तरपाल, जीपीएस बुच्ची।
45. नरेश कुमार, जीपीएस भूसला।
46. सुरेंद्र सिंह, जीपीएस भागल।
47. बलजीत सिंह, जीपीएस अगौंध।
48. बलराज सिंह, जीपीएस भालंग।
49. राजकपूर, जीपीएस बालू।
50. मनोज कुमार, जीपीएस रामगढ़।
51. पवन कुमार, जीपीएस रोहड़ा।
52. भूपेंद्र सिंह, जीपीएस रोहेड़ा।
53. रणधीर, जीपीएस राजौंद।
54. नरेश कुमार, जीपीएस किच्छाना।
55. अनिल, जीपीएस मांझला।
56. सतीश कुमार, जीपीएस रसुलपुर।

Saturday, 12 September 2015
एफआईआर दर्ज होने के बाद अध्यापकों में हड़कंप
कैथल : चार साल से नौकरी पर लगे जिले में 58 प्राथमिक अध्यापकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। पुलिस ने वीरवार रात्रि उन 58 अध्यापकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिनके अंगुठे एवं हस्ताक्षर एचटेट एवं सीटेट की परीक्षा के दौरान लिए गए अंगुठों एवं हस्ताक्षर से मिलान नहीं हो पाए थे। ये सभी अध्यापक जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं।
एफआईआर की सूचना शुक्रवार को जिले भर के शिक्षा विभाग में फैल गई। दिन भर अध्यापकों के फोन की घंटियां घनघनाती रहीं। सभी को अब आगे की कार्रवाई को लेकर उत्सुकता है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही विभागीय आदेश आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल केवल एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
अंगुठे एवं हस्ताक्षर न मिलने पर हुई है एफआईआर ः
विभागीय आदेशानुसार एफआईआर एवं अंगुठे का निशान न मिलने पर पुलिस ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर 58 अध्यापकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। जिसमें उन पर धोखाधड़ी से एचटेट एवं सीटेट पास करने का आरोप है।
इन अध्यापकों के खिलाफ हुई है एफआईआर ः
रजनी कॉलोनी निवासी कुलदीप, नरड़ निवासी सुरेंद्र सिंह, सुल्तानिया निवासी पहलू राम, बुढाखेड़ा निवासी बलवान, प्यौदा निवासी ओमदत्त, प्यौदा निवासी सुनील कुमार, प्यौदा निवासी बलबीर सिंह, प्यौदा निवासी महेंद्रपाल, पबनावा निवासी कृष्ण कुमार, बरसाना निवासी दलबीर सिंह, ट्योंठा निवासी रव्रिंद कुमार, ढांड निवासी सुनील कुमार, किच्छाना निवासी राजेश कौशिक, बेल्लरखंा जींद निवासी राजकुमार, पीड़ल निवासी चंद्रपाल, पीड़ल निवासी सुनील कुमार, मटौर निवासी प्रमोद, कुंदनपुरा हिसार निवासी चांदी राम, खरल जींद निवासी जिया लाल, मटौर निवासी प्रवीण कुमार, मोहब्बतपुर हिसार निवासी कुलदीप सिंह, शिमला निवासी विजेंद्र कुमार, बड़सीकरी खुर्द निवासी राजीव कुमार, गऱ्ुलियणा निवासी संजीव कुमार, रोहेड़ा निवासी संदीप कुमार, मटोर निवासी सुखबीर सिंह, मटौर निवासी रोहताश, तारागढ़ निवासी विनोद कुमार, नंदकरण माजरा निवासी नीलकंठ, बलबेहड़ा निवासी मलकीत, खेड़ी शेरू निवासी विजेंद्र सिंह, जनकपुरी कालोनी निवासी विकास राविश, गुहणा निवासी रणबीर सिंह, मालखेड़ी निवासी गुरमीत सिंह, कुतुबपुर निवासी कुलदीप सिंह, पोबाला निवासी नरेंद्र सिंह एवं मालखेड़ी निवासी नहर सिंह, छौत निवासी नरेश कुमार, न्यू अशोका कालोनी निवासी सतीश कुमार, खुराना निवासी वेदपाल, भाणा निवासी सोहन लाल, बदपुर निवासी राजनेश सिंह, बड़सीकरी खुर्द निवाीस नरेश कुमार, रसीना निवासी चतरपाल, झज्जर निवासी नरेश कुमार, खजवाज गुडग़ांव निवासी सुरेंद्र सिंह, चीका निवासी बलजीत सिंह, खेड़ी शेरखां निवासी बलराज सिंह, जुलानी खेड़ा निवासी राजकुमार, हथो निवासी मनोज कुमार, किठाना निवासी पवन कुमार, चंदाना रोड कैथल निवासी भूपेंद्र सिंह, किच्छाना निवासी रणधीर, ढुंढवा निवासी नरेश कुमार, डेरा मरसी राम अनिल कुमार, गुहणा निवासी सतीश कुमार, खनौद निवासी राजेश कुमार, खनौदा निवासी प्रवीण कुमार शामिल हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा
विभागीय आदेशानुसार की जाएगी कार्रवाई, फिलहाल एफआईआर दर्ज करवाई है
"विभागीय आदेशानुसार इन अध्यापकों के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया है। अभी ये स्कूलों में कार्यरत हैं। आगामी कार्रवाई के लिए विभागीय आदेशों का इंतजार है। जैसे ही विभाग के आदेश आएंगे, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।"-- डॉ. अशोक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।
"सभी 58 अध्यापकों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच जारी है।"-- वीरेंद्र खर्ब, थाना शहर प्रभारी।

लेबल: