शनिवार, 21 सितंबर 2013

मिड डे मील की जांच बनी सियासत

अंबाला मिड डे मील की जांच बनी सियासत
जागरण संवाद केंद्र, अंबाला : बिहार में मिड डे मील प्रकरण के बाद अध्यापक व अभिभावक पूरी सर्तकता बरत रहे हैं। मगर अध्यापकों की निगरानी अब सवालों के घेरों में आ रही है। जनता के नुमाइंदों का हवाला देकर कोई भी मिड डे मील की जांच करने स्कूल पहुंच जाता है। जांच करने वाली टीम के पास न तो प्रशासनिक अनुमति होती है और न ही कोई विभागीय सूचना। ऐसा ही मामला सब्जी मंडी स्थित स्कूल में देखने को मिला जब डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल का हवाला देकर तीन सदस्यीय टीम मिड डे मील की जांच करने पहुंच गई। टीम में एक एसएमसी सदस्य, यूथ कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य व एक अन्य व्यक्ति ने स्कूल में मिड डे मील की जांच की। जांच के दौरान मिड डे मील में कई खामियां भी पाई गई। टीम का औचक निरीक्षण विद्यालय स्टाफ की समझ में भी नहीं आया। स्टाफ ने भी जांच में टीम का पूरा सहयोग किया। ------------- गठित टीम ने की जांच : जयसवाल डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल का कहना है कि उनके द्वारा गठित टीम ने मिड डे मील की जांच की है। टीम ने खामियों के बारे में उनको जानकारी दे दी है। ------------ नहीं बरती जाती लापरवाही : सतिंद्र सब्जी मंडी स्कूल की मुख्याध्यापिका सतिंद्र कौर का कहना है कि स्कूल में मिड डे मील में लापरवाही नहीं बरती जाती है। जांच टीम ने कुकों का मेडिकल मांगा गया जो उनको तुरंत दिखा दिया। खाना खुले में नहीं बल्कि बरामदे में बनाया जा रहा था। ------------ फोटो : 48 हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रधान सुभाष शर्मा का कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो, इसके लिए अध्यापक पूरी चौकसी के साथ मिड डे मील बना रहे हैं। उनका कहना है कि डिप्टी मेयर अपने अधीनस्थ क्षेत्र में मिड डे मील की जांच कर सकता है, जबकि अन्य कोई भी मिड डे मिल की जांच नहीं कर सकता है। ---------------- फोटो : 49 नियमानुसार होगी कार्रवाई : परमजीत जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.परमजीत शर्मा का कहना है कि मिड डे मील कौन-कौन चेक कर सकता है, इसकी बकायदा सूची बनी है। इस जांच का मामला उनकी जानकारी में आया है। शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित नियमानुसार ही कार्रवाई की जाएगी।

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