मंगलवार, 3 सितंबर 2013

चंडीगढ़ : मिडिल स्कूल मुख्याध्यापकों को डीडीओ पावर आखिर मिल ही गई


चंडीगढ़ : मिडिल स्कूल मुख्याध्यापकों को डीडीओ पावर
आखिर मिल ही गई। वित्त विभाग ने शिक्षा विभाग की ओर से
अनुमोदन के लिए भेजी गई फाइल को मंजूरी दे दी है। 5548 मिडिल
स्कूल मुख्याध्यापक अब आहरण-वितरण
अधिकारी की शक्तियों का प्रयोग भी कर सकेंगे। 1उन्हें कार्य व
दायित्वों का पत्र जारी कर दिया गया है। अभी तक उन्हें वित्त
से जुड़े सभी निर्णयों के लिए उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के
हेडमास्टर का मुंह ताकना पड़ता था। हरियाणा मास्टर वर्ग
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश मलिक ने बताया कि संगठन
मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों को डीडीओ पावर प्रदान करने
की काफी समय से मांग कर रहा था। मौलिक शिक्षा निदेशक
डी सुरेश से भी इस बारे में वार्ता हुई थी। उन्होंने आश्वस्त
किया था कि मुख्याध्यापकों को जल्द आहरण-वितरण
अधिकारी की शक्तियां मिल जाएंगी। मलिक ने
बताया कि वित्त विभाग के प्रधान सचिव राजन गुप्ता ने पत्र
संख्या 22-977-4 एफडी 2 (1) के तहत अनुमोदन को मंजूरी देने
का पत्र भी शिक्षा विभाग को भेज दिया है। उन्होंने
कहा कि मिडल स्कूल मुख्याध्यापकों को द्वितीय
श्रेणी का दर्जा व 54 सौ ग्रेड पे देने की मांग भी जल्द पूरी कराने
के लिए एसोसिएशन प्रतिबद्ध है। उन्होंने एसोसिएशन की तरफ से
मौलिक शिक्षा निदेशक डी सुरेश व वित्त विभाग के प्रधान
सचिव राजन गुप्ता का आभार व्यक्त किया ह

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