मंगलवार, 27 अगस्त 2013

Jbt bharti par stay


Dalip Bishnoi
मेरी व्यक्तिगत जानकारी के अनुसार( तथ्यों की पुष्टि अपने स्तर
पर जरुरकर ले)--
21दिसम्बर 2012को अम्बाला व करनाल के कुछ पात्रता पास
नेदावा किया था कि हमने सीटेट वालो को केस ख़ारिज
करवा दिया है। जबकि मुझे ये बात ज्ञात थी कि वे केस ख़ारिज
नहीं हुए थे।सीटेट वाले इसकेस के बारे में मैं आपको आज सही से
सारी बात बताता हूँ क्योकि अब ये मामला सबको पता चल
गया है। पहले मैंने इसलिए नहीं बताया था क्योकि मैं
नहीं चाहता था कि ये बात फैलेऔर भर्ती पर केस पर केस लगने लगे।
दरअसल21 दिसम्बर 2012को इसप्रकार के सभी केस
सभी याचिकाकर्ताओ नेवापिस ले लिए थे जिसको "Dismissed
as withdrawn" कहा जाता है क्योकि तब कोर्ट
नेउनको कहा था कि याचिका मे उचित पक्षों (एनसीटीइ आदि)
को भी शामिल करके दोबारा से उचित याचिका दाखिल करें।
तब उन याचिकाकर्ताओ नेसभी सबंधित को पार्टी बनाते हुए
फिर से नईयाचिका दाखिल की और इंटरव्यू में शामिल होने के
अंतरिम आदेश भी हासिल कर लिए। मामला चलता रहा और
पहली याचिका में जारी अंतरिम आदेश के आधार पर विभिन्न
याचिकाओ में याचिकाकर्ताओ को इंटरव्यू में शामिल होने के
अंतरिम आदेश जारी होते रहे। आज याचिकाकर्ताओ ने
जेबीटी रिजल्ट पर ही स्टे मांग लिया और ले भी लिया।
हालाँकि कोर्ट नेकहा कि रिजल्ट पर तो पहले से ही रोक
लगी हुईहै परन्तु याचिकाकर्ताओ ने कहा कि वो रोक
तो कभी भी हट सकती है और अगर ऐसा हुआ
तो हमारी तो याचिका ही बेकार हो जाएगी। हमने सीटेट पास
किया हुआ है और सरकार नेवर्ष 2012में एचटेटलिया ही नहीं तो हम
क्या करें जबकि एनसीटीइ के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष टेट
का आयोजन जरूरीहै। एचटेटव सीटेट का पेटर्न भी एक ही है और
करिकुलम भी समान है। और जब 4साल के अनुभव वाले
बिना टेटपास भर्ती में शामिल हो सकते है तो हम क्यों नहीं। हमने
कम से कम सीटेट पास तो किया हुआ है जबकि उन्होंने
तो टेटकभी पास ही नहीं किया। कोर्ट नेसरकारी पक्ष से
भी पूछा कि जब आपने भर्ती में 4साल के अनुभव
वालो को "वनटाइम छुट"दे रखी है तो सीटेट
वालो को भी "वनटाइम छुट"क्यों नहीं दे देते।आज भी कुछ नये
याचिकाकर्ताओ को इंटरव्यू में शामिल होने के अंतरिम आदेश
जारी हुए है। अब इसमामले में चल रही याचिकाओ की कुल
संख्या 10हो गईहै और आगामी सुनवाई 16सितम्बर को होगी।
इसमामले के चलतेअब जेबीटी की भर्ती के और लम्बा खिचने के
आसार बन गये है और ये भी सम्भव है कि वर्ष 2013में एचटेटपास
उम्मीदवार भी मामले में कूद पड़े।
यानि भानुमती का पिटारा खुल गया है। मेरी समझ के अनुसार
तो जेबीटी का इंटरव्यू दे चुके एचटेटपास उम्मीदवारों को केस में
पार्टी बन कर अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए।

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