वर्ष 2011 में नियुक्त स्टेट पास जेबीटी शिक्षकों के अंगूठो की जाँच से सबंधित मामले को ले कर बहुत से साथ वस्तुस्थिति
वर्ष 2011 में नियुक्त स्टेट पास जेबीटी शिक्षकों के
अंगूठो की जाँच से सबंधित मामले को ले कर बहुत से साथ
वस्तुस्थिति जानना चाहते है। दरअसल हाईकोर्ट के आदेश पर
विभाग ने कुल 8339 जेबीटी शिक्षकों का डाटा मधुबन स्थित
स्टेट क्राइम ब्यूरो को जाँच के लिए भेजा था। ब्यूरो ने
15-05-2013 को,12-06-2013 को,03-07-2013 को व
23-07-2013 को किस्तो में विभिन्न शिक्षको की जाँच
रिपोर्ट विभाग को सौपी। विभाग ने 08-07-2013 को एक 6
सदस्यों वाली कमेटी का गठन किया जिसकी 18-07-2013
को पहली बैठक हुई और पहली जाँच रिपोर्ट की सील खोल कर
उसका विश्लेषण किया। फिर कमेटी ने 03-11-2013 को अन्य
जाँच रिपोर्टस का विश्लेषण किया। कमेटी ने पूरी रिपोर्ट
देखने के बाद ये निष्कर्ष निकाला कि--
1.) कुल 1093 जेबीटी शिक्षक ऐसे है जिनके निशान शत-प्रतिशत
सही मिलान हो गये यानि वो शिक्षक 100% सही है/असली है।
2.) कुल 751 जेबीटी शिक्षक ऐसे है जिनके निशान बिलकुल
भिन्न है यानि वो शिक्षक 100% फर्जी है/नकली है।
3.) कुल 6049 जेबीटी शिक्षक ऐसे है जिनके अंगूठो के निशान इस
योग्य नहीं है कि उनका मिलान किया जा सके जैसे आवेदन
फार्म,पेपर वाली ओएमआर शीट पर लगा निशान बिलकुल
धुंधला है या खराब हालत में है या निशान बिलकुल फीका है और
रेखाओं का मिलान करना बिलकुल भी सम्भव नहीं है। ये 6049
जेबीटी शिक्षक कतई फर्जी नहीं है जैसा कि लिखा और
फैलाया जा रहा है। ऐसे शिक्षकों के मामले में बहुत सम्भव है
कि आगामी सुनवाई में कोर्ट सिग्नेचर/हस्ताक्षर को मिला कर
सही/गलत की जाँच करने के भी आदेश दे।
4.) कुल 390 शिक्षको को ऐसी कैटेगरी में रखा गया है
जो त्यागपत्र दे चुके है या मृत है या निशान देने पहुंचे
ही नहीं या लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे है या किसी मामले में
न्यायिक हिरासत में है या ज्वाइन ही नहीं किया या डबल
कोडिड उम्मीदवार है। निशान देने नहीं पहुंचे और अनुपस्थित चल
रहे शिक्षको के निशान ले कर जाँच के लिए भेजे जायेंगे और
उनकी जाँच रिपोर्ट 27 मई की आगामी सुनवाई में कोर्ट में
प्रस्तुत कर दी जायेगी।
5.) कुल 2 जेबीटी शिक्षक ऐसे है जिनका रिकार्ड
ही मिला निशान मिलाने के लिए भेजने हेतु। ये तो वाकई कमाल
बात है।
इससे पहले 54 शिक्षको की जाँच रिपोर्ट आ चुकी थी जिसमे 8
सही, 21 फर्जी और 21 ऐसे थे जिनके निशान का मिलान सम्भव
ही नहीं था।
अब बात आती है कि आगे क्या होगा तो मेरे मत अनुसार
तो सिर्फ 751 पर ही कारवाई शुरू होगी और उसमे
भी काफी समय लगेगा क्योकि क़ानूनी प्रकिरिया के तहत
ही सबकुछ होगा। ये भी आसार है कि 751 लोगो पर
भी कारवाई 27 मई की सुनवाई के बाद ही शुरू हो। अब अंत में एक
सलाह दे रहा हूँ कि इस केस में कानून अपना काम करेगा और कोई
साथी किसी के बहकावे में आ कर केस में पार्टी न बने
क्योकि उससे नुकसान होगा। मैं अपने स्तर पर पूरी गम्भीरता से
केस को देख रहा हूँ इसलिए कोई चिंता न करे। जब जरूरत महसूस
होगी तभी हर उचित कदम उठाया जायेगा और साथिओ
को सूचित किया जायेगा। कुछ साथिओ ने पूछा है आपका मामले
में क्या स्टेंड है तो अपना उसूल है कि गलत व्यक्ति का साथ
देना मुझे गवारा नहीं। न्याय होना ही चाहिए
यानि फर्जी रहना नहीं चाहिए और सही साथी का कुछ
बिगड़ना नहीं चाहिए।
धन्यवाद।
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