गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय लिये है

चंडीगढ़, 27 फरवरी - हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के
व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय
लिये है। इसमें तीन वर्ष की अवधि पूरी करने वाले
दैनिक वेतनभोगी व अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं
को नियमित करना तथा एश्योर्ड कैरियर प्रोगे्रशन
योजना व ग्रेड-पे ढांचे में संशोधन प्रमुख है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने
बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने
कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्यों द्वारा रखी गई
मांगों से बढक़र दिया है। कर्मचारी नेताओं
द्वारा दैनिक वेतनभोगी व अनुबंध
कर्मचारियों को नियमित करने तथा एश्योर्ड कैरियर
प्रोगे्रशन (एसीपी) व ग्रेड-पे में संशोधन करने
की मांग उठाई गई थी और कर्मचारियों के व्यापक
हितों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने
उनकी मांगों सहानुभूतिपूर्वक विचार
किया तथा उदारता का परिचय देते हुए मांगों से बढक़र
दिया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की वर्ष 1993, 1996 व
2003 की रेगुलराइजेशन पॉलिसी में नियमित होने से
वंचित हुए सभी कर्मचारियों को इन्हीं नीतियों के
तहत नियमित किया जायेगा। इसके अलावा, वर्ष 2011
रेगुलराइजेशन पॉलिसी में भी संशोधन
किया जायेगा तथा इन पॉलिसी के तहत स्टेट आफ
कर्नाटक तथा एम एल केसरी मामले में न्यायालय
द्वारा दिये गये निर्णय का लाभ उठाते हुए 10 वर्ष
की सेवा अवधि पूरी करने वाले
कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा। इसके अलावा,
सरकार ने पंजाब की तर्ज पर रेगुलराइजेशन
पॉलिसी बनाने का निर्णय लिया है। इस नीति में तीन
वर्ष की अवधि पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी व
अनुबंध कर्मचारियों को शामिल
किया जायेगा तथा नियम व शर्त के अनुसार नियमित
किया जायेगा।
सभी अकुशल कर्मचारियों को न्यूनतम 8100 रुपये वेतन
दिया जायेगा। इसके अलावा, ऐसे कर्मचारियों के
कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) व कर्मचारी राज्य
बीमा (ईएसआई) का पैसा सरकार जमा करवायेगी। इस
निर्णय से कर्मचारियों को लगभग 1200 रुपये का लाभ
होगा। इसके साथ-साथ कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन
में पांच प्रतिशत की वृद्धि भी की जायेगी।
एश्योर्ड कैरियर प्रोगे्रशन (एसीपी) योजना में
भी संशोधन का निर्णय लिया गया है। पहले
एसीपी योजना का लाभ 10, 20 व 30 वर्ष की सेवा अवधि पर
दिया जाता है, जिसे अब 8,16 व 24 वर्ष
की सेवा अवधि पूरी होने पर दिया जायेगा। इस प्रकार से
योजना में भारी कटौती की गई है, जिससे
कर्मचारी को 30 वर्ष की जगह 24 वर्ष में
पूरी एसीपी का लाभ मिल जायेगा।
इसी प्रकार, एसीपी योजना के अंतर्गत तृतीय व चतुर्थ
श्रेणी के वेतनमानों में ग्रेड-पे में
भी बड़ा संशोधन किया गया है। संशोधन के उपरांत इन
श्रेणी वर्गों में एसीपी योजना के तहत ग्रेड-पे 1650
रुपये से बढक़र 1800 रुपये, 1800 रुपये से बढक़र 1900
रुपये, 1900 रुपये से बढक़र 2000 रुपये हो जायेगी।
इसी प्रकार, एसीपी योजना में ग्रेड-पे 3300 रुपये
बढक़र 3600 रुपये, 3600 रुपये बढक़र 4000 रुपये तथा 4000
रुपये बढक़र 4200 रुपये हो जायेगी। इस तरह राज्य सरकार
ने कर्मचारियों के प्रति उदारता का परिचय देते हुए
मांग से बढक़र दिया है।
नई एसीपी योजना में नई ग्रेड-पे व्यवस्था लागू होने
के बाद उदाहरण के तौर पर जिस चतुर्थ
कर्मचारियों को पहले 30 वर्ष की सेवा के बाद 1900
रुपये ग्रेड-पे मिलती थी, उसे अब 24 वर्ष की सेवा के
बाद 2000 रुपये ग्रेड-पे मिलेगी। इसी तरह तृतीय
श्रेणी के जिस कर्मचारी को पहले 30 वर्ष में 3300
रुपये ग्रेड-पे मिलती थी, अब उसे 24 वर्षों में 3600
रुपये ग्रेड-पे मिल जायेगी। इस दोनों निर्णयों से
तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के लगभग 80 प्रतिशत
कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
अद्र्ध-कुशल व कुशल कर्मचारियों को 8100 रुपये से
ज्यादा वेतन दिया जायेगा तथा इसमें किसी अन्य
संशोधन को लेकर वित्त सचिव
की अध्यक्षता वाली समिति 15 दिनों के भीतर
अपनी रिपोर्ट देगी। इसके साथ-साथ ऐसी दैनिक
वेतनभोगी व अनुबंध महिला कर्मचारी जिन्हें इस समय
प्रसूति अवकाश व अन्य लाभ नहीं मिल रहे है, उन्हें
भी लाभ मिलेगा तथा इस संबंध में वित्त सचिव
की अध्यक्षता वाली कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी।
केन्द्र सरकार के समान भत्ते प्रदान करने के संबंध में
भी वित्त सचिव
की अध्यक्षता वाली समिति समीक्षा करेगी और जल्द
सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।

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