शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

जन्म प्रमाणपत्र में नाम बदलवाने की छूट

जन्म प्रमाणपत्र में नाम बदलवाने की छूट
महम के कार्यकर्ता ने मांगी थी जानकारी
राज कुमार नरवाल. महम
राज्य जन सूचना अधिकारी एवं स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के
महानिदेशक से आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई एक जानकारी में
पता चला है कि यदि रिकॉर्ड में बच्चे का नाम, गुड्डी, काका,
लाला व लाली अंकित है तो उसे संशोधित किया जा सकता है।
यदि बच्चे का नाम स्कूल एवं जन्म प्रमाण पत्र में भिन्न-भिन्न
हो तो ऐसे मामलों में उर्फ लगाकर समाधान किया जा सकता है।
साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन
रिकॉर्ड में किसी लिपिकीय त्रुटि को जन्म और मृत्यु
रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 की धारा और हरियाणा राज्य
जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2002 के नियम 11 (1) के
अंतर्गत संशोधन किया जा सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य
विभाग ने बताया है कि 15 वर्षाें अथवा उससे अधिक पुराने
मामले में नाम लिखने की सुविधा पत्र क्रमांक 2/2
1एसबीएचआई-2013/ 1-21 दिनांक 1.1.2014
द्वारा दो वर्षाें तक बढा दी गई है। प्रार्थी सम्बंधित रजिस्ट्रार
को आवेदन कर बच्चे के नाम के खाली कॉलम में नाम
लिखवा सकता है। कानून के तहत गोद लिए जाने वाले मामले में,
कोर्ट से गोदनामा जारी होने पर गोद लेने वाले माता-पिता के
नाम में संशोधन हो सकता है। मात्र गोदनामा के आधार पर जन्म
रिकॉर्ड में संशोधन/रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता। महम।
कस्बे के वार्ड 13 निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राजेश जिंदल ने
स्वास्थ्य विभाग से आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी।
उन्होंने कहा था कि पासपोर्ट एक्ट में संशोधन के बाद जन्म व मृत्यु
रजिस्ट्रार से प्राप्त जन्म प्रमाण पत्र
की भी आवश्यकता होती है। कहा गया था कि भूतपूर्व
सेनाध्यक्ष वी के सिंह के दो जन्म तिथि विवाद के मद्देनजर व
भविष्य में मेरे बच्चों का कोई विवाद उत्पन्न न हो के उद्देश्य से
रिकॉर्ड को चेक किया। रिकॉर्ड में पाई गई त्रुटि को ठीक
करवाने के लिए जन्म व मृत्यु रस्ट्रिार व स्कूल के कई चक्कर लगाए।
लेकिन रिकॉर्ड ठीक करवाने का तरीका ज्ञात नहीं हुआ।
जो तरीका ज्ञात हुआ वह उसे गैर कानूनी व अनैतिक महसूस हुआ।
इसलिए महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है।

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