भालू और चींटी की कहानी
एक समय की बात है,
एक छोटा सा गांव था जहां पशु-पक्षी खुशी-खुशी रहते थे।
उनमें बहुत सारे भालू भी रहते थे,
जो एक बड़ी जंगल में अपने घर में रहते थे।
वे बड़े ही शांत स्वभाव के वाले थे
और जीने के लिए जंगल का ही सहारा लेते थे।
एक बार जंगल की बारिश के दिन
एक बहुत बड़ी लू आने वाली थी।
भालू जानवर देखते ही डर गए
और अपनी जान बचाने के लिए
वन की ओर छोड़-छोड़कर चल पड़े।
सभी भालू एक-दूसरे के पीछे-पीछे दौड़ते हुए आगे बढ़ रहे थे।
सभी भालू एक बड़े पेड़ के नीचे पहुँच गए
और वहां पर बैठ कर वारिश का इंतजार करने लगे।
उन्होंने सोचा कि जब तक वारिश न हो जाए
तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे।
कुछ समय बाद एक चींटी वहां पर आई।
चींटी बारिश की वजह से बहुत परेशान थी
और उसे ठिठुरन भी लग रही थी।
उसने भालू को देखा और उसकी मदद मांगने के लिए
उसके प
ास गयी।
चींटी ने कहा, "भालूजी, मेरे पास आपको
बहुत अच्छा मौका देने का एक विचार है।"
भालू ने हैरानी से पूछा, "कौन सा मौका?"
चींटी बोली, "मैं आपके बालों में जाकर
अपने आप को सुखाने के लिए
थोड़ा-सा जुटवा लेना चाहती हूँ।
क्या आप मेरी मदद करेंगे?"
भालू ने मुस्कुराते हुए कहा,
"तुम मेरी मदद करना चाहती हो?
ठीक है, बस जाओ और करो जो तुम्हें करना है।"
चींटी खुशी-खुशी भालू के बालों में चढ़ गई
और वहां से ऊपर की ओर चल दी।
वारिश की बूँदें जब उसके ऊपर गिरीं,
तो उसने अपनी पंखों से बालों को सुखाने शुरू कर दिया।
यह दृश्य देखकर दूसरे भालू भी आश्चर्यचकित हो गए।
वे सोचने लगे कि इस छोटी सी चींटी ने
कैसे उनकी मदद की और अब उन्हें बारिश से बचा रही है।
अगले ही दिन जब बारिश रुकी,
तो चींटी भालू के बालों से उतर गई।
भालू ने चींटी से कहा, "तुमने बहुत बड़ी मदद क
ी है।
मैं तुम्हारा धन्यवाद करना चाहता हूँ।"
चींटी ने मुस्कुराते हुए कहा,
"आप मेरी मदद करने के लिए तैयार नहीं थे,
लेकिन मैंने जाना कि हम सबको एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।
अगर हम एक-दूसरे की मदद करेंगे,
तो हमारी समस्याओं का समाधान आसान हो जाएगा।"
भालू ने इस बात पर गौर करके कहा,
"तुमने बहुत सही कहा, चींटी जी।
हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए
और सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा।
अब से हम इस गांव में इसी तरह की
भविष्य की गाथा बनाएंगे।"
भालू और उनके दोस्तों ने चींटी से सीख ली
कि एक-दूसरे की मदद करना और साथ मिलकर
काम करना हमेशा फलदायी होता है।
वे सबने गांव में एक मित्रतापूर्ण और मददगार
माहौल बनाया और सभी खुश रहने लगे।
यह कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में
एक-दूसरे की मदद करना और साथ मिलकर काम
करना हमेशा आपसी सौहार्द और समृद्धि लाता है।
>लेबल: Story


0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ